TrainersEye · कंधे की सेहत
कंधे का पुनर्वास · 30 सत्रs

Thirty सत्रs.
Twelve minutes each.
A shoulder that reaches.

Five phases, 180 different movements, no repeats — from pendulum swings on a frozen shoulder to overhead pressing and the get-up. Built for stiff shoulders, painful arcs and weak cuffs alike. At home, with a wall, a chair, a table, a broomstick, a towel and a backpack or two water jugs.

Before you start

See a doctor first — do not start — with an arm you cannot lift at all after an injury; visible deformity or a suspected dislocation; a hot, red or swollen shoulder with fever; chest tightness, breathlessness or arm pain on exertion; progressive weakness or numbness; or unexplained night pain with weight loss.

The pain rule: up to 4/10 during, back to your normal by the next morning, no worse week to week.

Stiff or frozen shoulder: work at the edge of range with a mild stretch. Gentle beats aggressive — forcing a capsule makes it angrier and slower.

Painful arc: if it catches between shoulder and head height, stay below that line and raise it week by week. Every सत्र has a lower option.

Progression: every movement has an easier and a harder version. Two clean सत्रs on a level earn the next.

Kit: a wall, a chair, a table, a broomstick, a towel and a loaded backpack or two water jugs.

चरण 1शांत करें और सरकाएँ

Aइसे लटकने दें। इसे सरकने दें। इसे शांत होने दें।छह हरकतें जो जोड़ का भार घटाएँ, सरकने की शुरुआती रेंज लौटाएँ और बाँह उठाए बिना कंधे की भीतरी मांसपेशियाँ (रोटेटर कफ़) सक्रिय करें। Bऊपर उठाने में सहायता दें। अच्छी बाँह को करने दें उठाने का काम करें।सहायता लेते हुए हरकत की रेंज: अच्छा हाथ दर्द वाले हाथ को पूरी हरकत में ले जाता है, ताकि जोड़ बिना प्रयास रेंज पाए। Cचलकर करें दीवार पर ऊपर। एक बार में एक उँगली।दीवार काम करती है: उँगलियाँ चढ़ती हैं, बाँह पीछे आती है और मांसपेशियों के विरोध बिना जोड़ की रेंज बढ़ती है। Dबाहर घुमाएँ। पीछे पहुँचें। रेंज वापस पाएँ।जकड़े कंधे में पहले बाहर घुमाव और फिर पीठ के पीछे पहुँचाना घटता है — आज दोनों का अभ्यास होगा। Eछोटे गोले। स्थिर तनाव। अधिक रेंज।हल्के तनाव में घुमाव, कंधे की हड्डी आगे बढ़ाना और छाती पहली बार खोलना। Fछह सत्र पूरे। बाँह जाती है पहले से अधिक ऊँचा।चरण 1 जाँच: सहायता लेते हुए दीवार तक रेंज, बिना हिलाए लंबा होल्ड और पहला बिना भार उठान।

चरण 2रेंज और कंधे की हड्डी (स्कैपुला)

Gकंधे की हड्डी जमाएँ। फिर उठाएँ बाँह।चरण 2 कंधे की हड्डी से शुरू होता है: सिर के ऊपर पहुँचने का एक तिहाई उससे आता है, और इसी हिस्से को कोई प्रशिक्षित नहीं करता। Hऔर ऊँचा। और चौड़ा। नियंत्रण में।हर दिशा में ख़ुद हरकत की रेंज, साथ में पेट के बल दो उठान जो कंधे का पिछला हिस्सा परखते हैं। Iबाँह ले जाएँ पूरा रास्ता चारों ओर।जोड़ को नियंत्रण से पूरा घुमाना, कंधे की हड्डी का पुश-अप और हाथ टिकाकर पहला भार देना। Jनब्बे डिग्री। कोण जो मायने रखता है।कंधे की ऊँचाई पर घुमाव में फेंकना, पहुँचना और उठाना होता है — आज सहारे से शुरुआत। Kदीवार धकेलें। प्लैंक रोकें। कंधे की हड्डी पर नियंत्रण पाएँ।हाथ टिकाकर भार देने का दिन: हाथ से होकर वज़न जोड़ को दबाकर शांत करता है, जबकि कंधे की हड्डी थामना सीखती है। Lबारह पूरे। बाँह जाती है जहाँ आप इसे भेजते हैं।चरण 2 जाँच: ख़ुद पूरी रेंज, पहला भार के साथ घुमाव और बग़ल में कंधे की ऊँचाई तक उठाना।

चरण 3कंधे की भीतरी मांसपेशियों (रोटेटर कफ़) की ताक़त

Mछोटी मांसपेशियाँ। बड़ा काम। इन्हें सही ढंग से प्रशिक्षित करें।चरण 3 कंधे की भीतरी मांसपेशियों (रोटेटर कफ़) से शुरू होता है — दोनों दिशाओं में प्रतिरोध के विरुद्ध घुमाव, फिर कंधे का पिछला हिस्सा। Nउठाएँ। अंगूठा ऊपर। हर बार।हर तल में उठाना, अंगूठा आगे ताकि जोड़ में जगह बनी रहे। Oअधिक खींचें आपसे धक्का दें।खींचने का दिन: कंधे के पीछे कम-से-कम सामने जितना काम चाहिए, वरना जोड़ संतुलन खोता है। Pइस ऊँचाई पर घुमाएँ कंधे की ऊँचाई। जहाँ खेल होता है।90/90 स्थिति: वह कोण जिससे फेंकना, सर्व करना और सिर के ऊपर पहुँचना सभी गुज़रते हैं। Qइसे सिर के ऊपर रोकें। इसे लेकर चलें। इसे गिरने न दें।सिर के ऊपर स्थिरता: कंधे की भीतरी मांसपेशियाँ (रोटेटर कफ़) और कंधे की हड्डी सिर के ऊपर भार थामती हैं, जबकि शरीर नीचे चलता है। Rअठारह पूरे। कंधे की भीतरी मांसपेशियाँ (रोटेटर कफ़) रोके रहती है।चरण 3 जाँच: पूरी वॉल स्लाइड, पहला प्रेस और पहला असली खिंचाव।

चरण 4सिर के ऊपर और भार

Sसिर के ऊपर। भार के साथ। मेहनत से पाया।चरण 4 बिना पैर के धक्के प्रेस से शुरू होता है — वह हरकत जो अधिकतर दर्द वाले कंधे छोड़ देते हैं, सही ढंग से दोबारा बनाई गई। Tदबाएँ। घुमाएँ। इसे वहीं ऊपर रोकें।घुमाव के साथ प्रेस, पाइक मुद्रा और पहली बार रेंगना — कंधे पर हर कोण से भार। Uघुटने टेकें। दबाएँ। और कुछ न हिले।पैरों की मदद हटाएँ तो कंधा भरपाई नहीं कर सकता: घुटनों पर प्रेस, प्लैंक में रो और दीवार पर झुकाव। Vज़ोर लगाएँ। पकड़ें। नीचे आने पर नियंत्रण रखें।ज़ोर से ऊपर, नियंत्रण से नीचे — और हर प्रेस जितना खिंचाव। Wएक बाँह। सिर के ऊपर। कुछ न डगमगाए।एक बाँह से सिर के ऊपर असली भार, साथ में ओवरहेड स्क्वैट — कंधे की रेंज का सच्चा परीक्षण। Xचौबीस पूरे। सिर के ऊपर फिर आपकी है।चरण 4 जाँच: कैरी मेडली, थ्रस्टर और कार्यक्रम का सबसे कठिन धक्का और खिंचाव।

चरण 5ताक़त और वापसी

Yतेज़ हाथ। स्थिर जोड़। तुरंत प्रतिक्रिया वापस।चरण 5 लयबद्ध स्थिरता से शुरू होता है: छोटे, तेज़, अनपेक्षित भार जो जोड़ को केंद्र में रखने वाली स्वतः प्रतिक्रियाएँ प्रशिक्षित करते हैं। Zफेंकें। रोकें। यही कौशल है।गति बढ़ाएँ और घटाएँ: कंधे को चलती बाँह रोकनी होती है, अधिकतर चोटें वास्तव में इसी समय होती हैं। AAज़ोर से धकेलें। और ज़ोर से खींचें। सीधे रहें।स्थिर धड़ के साथ पूरी ताक़त से धक्का और खिंचाव, साथ में भार ज़मीन से सिर के ऊपर उठाना। ABअधिक देर रोकें। अधिक देर टिकें। कंधे की भीतरी मांसपेशियों (रोटेटर कफ़) का काम सहनशक्ति है।सहनशक्ति का दिन: यही गुण तय करता है कि लंबे दिन के अंत में भी कंधा आरामदायक है या नहीं। ACजग उल्टा। पूरी रेंज। पूरी ताक़त।कार्यक्रम का सबसे कठिन कंधे का काम — पूरा गेट-अप, दीवार होल्ड और डाइव-बॉम्बर पुश-अप। ADतीस सत्र। दोनों बाँहें। वही आँकड़े।समापन: रेंज परीक्षण, प्रेस परीक्षण और सहनशक्ति परीक्षण — बाएँ बनाम दाएँ, लिखकर।