TrainersEye · Hip & Hamstring Health
Hip & Hamstring · 30 सत्रs

Thirty सत्रs.
Twelve minutes each.
Hips that drive you.

Five phases, 180 different movements, no repeats — from isometric glute holds to sprint mechanics and the Nordic curl. Written to separate five problems that get treated as one: lateral hip tendon pain, hip-related groin pain and hip osteoarthritis, proximal hamstring tendinopathy, hamstring strain, and adductor-related groin pain.

Before you start

See a doctor first — do not start — if you cannot bear weight after a fall or the hip looks deformed; with a hot, swollen hip or fever; a sudden pop with bruising and no ability to walk; numbness in the groin or saddle area or new bladder or bowel changes; progressive leg weakness; unexplained night pain with weight loss; or in a child or teenager, a limp or knee pain with no injury.

The pain rule: up to 5/10 during, back to your normal by the next morning, no worse week to week.

Pain on the point of the hip (gluteal tendinopathy): the fastest win is removing compression — stop crossing the legs, stop standing on one hip, sleep with a pillow between the knees, and do not stretch it. The classic figure-four and ITB stretches squash the tendon against the bone.

Deep buttock pain when sitting (proximal hamstring tendinopathy): load it, do not lengthen it. Keep the hip angle shallow in चरण 3 and deepen it week by week; avoid long sits on hard seats.

After a hamstring strain: the muscle feels normal long before it is strong at length. चरण 3 and चरण 5 are the part that stops the second tear.

Progression: every movement has an easier and a harder version. Two clean सत्रs on a level earn the next.

Kit: a chair, a wall, a step, a towel, a ball or pillow and a loaded backpack or two water jugs.

चरण 1शांत करें और भार हटाएँ

Aकूल्हा शांत करें। कूल्हे की मांसपेशी जगाएँ। कुछ भी खिंचा नहीं।छह अभ्यास जो कूल्हे और जाँघ के पिछले भाग पर बिना दबाए या लंबा किए भार देते हैं। केवल बिना हिलाए तनाव — आज कोई खिंचाव नहीं, और वे तो बिल्कुल नहीं जिन्होंने हालत बिगाड़ी। Bझुकाव। दबाएँ। कुछ भी दबा नहीं।श्रोणि का नियंत्रण और चार दिशाओं में बिना हिलाए भार — साथ ही भीतरी जाँघ का पहला काम, जो लगभग कोई नहीं करता। Cअंदर घुमाएँ। बाहर घुमाएँ। श्रोणि स्थिर रखें।कूल्हे पर घुमाव की रेंज, पेट के बल कूल्हे की मांसपेशी का काम, और कम कूल्हा-कोण पर जाँघ-पिछले भाग पर भार — वही स्थिति जो भड़की बैठने की हड्डी सहती है। Dश्रोणि समतल। रीढ़ लंबी। बग़ल पर भार।कूल्हे की बग़ल को पहला असली काम मिलता है, और जाँघ के पिछले भाग को पहला लंबे-लीवर होल्ड। Eअगला हिस्सा खोलें। पीठ पर भार। मज़बूती से खड़े हों।सामने कूल्हे के पीछे जाने की रेंज, पीछे कूल्हे की मांसपेशी का काम, और पहला खड़ा भार वाला पैटर्न। Fछह सत्र पूरे। कूल्हे की मांसपेशी चालू। श्रोणि थामती है।चरण 1 जाँच: कूल्हे पर पूरी रेंज, एक पूरा ब्रिज, और पहला ईमानदार एक-पैर का काम।

चरण 2कूल्हे की मांसपेशियाँ और श्रोणि

Gबग़ल कूल्हे का। जहाँ यह टूटता है।चरण 2 उन कूल्हे की मांसपेशियों से शुरू होता है जो श्रोणि समतल रखती हैं — बीच की रेखा से बाहर प्रशिक्षित, कभी उसे पार करके नहीं। Hकूल्हा पीछे करें। पीठ नहीं। अंतर जानें।भार में कूल्हे का पीछे जाना — और यह नियम कि कमर मुड़कर उसकी नक़ल नहीं करती। Iएक पैर। कूल्हे समतल। हर पुनरावृत्ति।एक पैर का भार और पहला लैटरल स्टेप-डाउन — जहाँ श्रोणि या तो थामती है या भेद खोल देती है। Jबग़ल की ताक़त। तल जिसे सब छोड़ देते हैं।अगले तल का भार: लैटरल लंज, शफ़ल और हिप एयरप्लेन, पूरे समय श्रोणि नियंत्रण में। Kब्रिज और ऊँचा। और दूर चलें। बीच को कसें।ब्रिज पर लंबे लीवर, पहला मरोड़-प्रतिरोध काम, और वह कैरी जो श्रोणि की ईमानदार परीक्षा लेती है। Lबारह पूरे। ब्रिज गिनें। दोनों ओर की तुलना करें।चरण 2 जाँच: एक-पैर ब्रिज परीक्षण, बाहर उठाने की सहनशक्ति और पहला भार वाला हिप थ्रस्ट।

चरण 3जाँघ का पिछला भाग

Mलंबा। धीमे। भार के साथ।चरण 3 जाँघ के पिछले भाग के दोनों छोरों से शुरू होता है — घुटने की ओर कर्ल से, कूल्हे की ओर हिंज से। Nएक पैर। कूल्हे सीधे। पीठ लंबी।एक पैर का हिंज — जहाँ जाँघ-पिछली ताक़त संतुलन से मिलती है, और जहाँ कमियाँ सामने रहकर छिपती हैं। Oलंबे लीवर। लंबी मांसपेशी। असली ताक़त।लंबे लीवर वाला ब्रिजिंग और लंबी अवस्था का पहला काम — वहाँ ताक़त जहाँ जाँघ का पिछला भाग वाक़ई फटता है। Pतीनों जो लाते हैं जाँघ का पिछला भाग वापस।पूरा लंबी-अवस्था प्रोटोकॉल — डाइवर, ग्लाइडर और एक्सटेंडर — उनके पीछे भारी हिंज के साथ। Qभार के साथ हिंज। नियंत्रण से मोड़ें। दोनों, हर सप्ताह।कूल्हे की ओर और घुटने की ओर का जाँघ-पिछला काम एक ही सत्र में भार के साथ, जैसे मांसपेशी वाक़ई काम करती है। Rअठारह पूरे। जाँघ का पिछला भाग जाँचें। दोनों ओर।चरण 3 जाँच: बिना सहारे एक-पैर RDL, नॉर्डिक का टूटने का बिंदु और वे सहनशक्ति सेट जो बताते हैं कौन सी ओर पीछे है।

चरण 4पूरी रेंज में ताक़त

Sगहरा। भार के साथ। और ग्रोइन भी।चरण 4 भारी धीमे स्क्वैट और कोपेनहेगन प्लैंक से शुरू होता है — खेल में सबसे अच्छे प्रमाण वाला भीतरी जाँघ का अभ्यास। Tनीचे बैठें। चौड़ा पहुँचें। छोरों पर क़ाबू।भार में रेंज: गहरा स्क्वैट, कोसैक और लंबे लीवर वाला कोपेनहेगन। Uभारी थ्रस्ट। भारी खींचें। चलकर निकालें।कार्यक्रम का सबसे भारी कूल्हा-पीछे काम, ज़मीन से और बेंच से। Vघुटने टेकें। खड़े हों। कुछ भी झुकता नहीं।घुटनों की ताक़त टख़नों को हटा देती है और कूल्हे को छिपने की जगह नहीं छोड़ती, साथ में भार में मरोड़-प्रतिरोध। Wएक पैर। पूरी गहराई। दोनों ओर बराबर।कार्यक्रम की सबसे कठिन एक-पैर ताक़त — और भीतरी जाँघ पूरी रेंज में प्रशिक्षित, केवल रोकी नहीं। Xचौबीस पूरे। भार के साथ, गहरा और समतल।चरण 4 जाँच: सबसे भारी स्क्वैट, पूरा नॉर्डिक और वह स्क्वीज़ परीक्षण जो ग्रोइन की परेशानी का अनुमान देता है।

चरण 5गति और वापसी

Yतेज़ कूल्हे। लंबे कदम। साफ़ यांत्रिकी।चरण 5 दौड़ की यांत्रिकी से शुरू होता है — कूल्हा मोड़ने वाली मांसपेशियाँ और जाँघ का पिछला भाग तेज़ी से काम करते हुए, पर फिर भी नियंत्रण में। Zतेज़ करें। फिर रुकें बिल्कुल।त्वरण और मंदन — वे दो पल जो हैमस्ट्रिंग फाड़ते और कूल्हे मरोड़ते हैं, जानबूझकर प्रशिक्षित। AAघुटना उठाएँ। एड़ी खींचें। दोनों गति पर।गति पर कदम का अगला और पिछला हिस्सा, फिर वे सीढ़ियाँ जहाँ कूल्हे को ज़ोर लगाना पड़ता है। ABकट करें। घुमाएँ। रेखा बनाए रखें।दिशा बदलना — जहाँ ग्रोइन और कूल्हे की कंडरा अपना सबसे बड़ा भार लेते हैं। ACपूरी गति। पूरी रेंज। पूरी ताक़त।कार्यक्रम का सबसे कठिन सत्र — पहले चार चरणों में बनी हर चीज़ के ऊपर गति। ADतीस सत्र। दोनों पैर। दस प्रतिशत के भीतर।समापन: ब्रिज परीक्षण, हॉप परीक्षण, स्क्वीज़ परीक्षण और ग्लाइडर — बायाँ बनाम दायाँ, लिखा हुआ।