TrainersEye · Wrist, Hand & Thumb Health
Wrist, Hand & Thumb · 30 सत्रs

Thirty सत्रs.
Twelve minutes each.
Hands that hold on.

Five phases, 180 different movements, no repeats — from tendon and nerve glides to loaded carries, weight-bearing and dexterity. Written for carpal tunnel, thumb-base arthritis, De Quervain’s, trigger finger, wrist sprain and post-fracture stiffness.

Before you start

See a doctor first — do not start — after a fall on an outstretched hand with tenderness in the hollow at the thumb side of the wrist; with a hot, red, swollen joint and fever; with visible flattening and weakness of the muscle at the base of the thumb; with symmetrical swelling of the small joints and morning stiffness lasting over an hour; with a hand that turns pale, blue or cold; or with any deformity after an injury.

The scaphoid warning. That hollow at the thumb side of the wrist is the one place a fracture hides — it can be missed on the first X-ray and it does not heal well if it is walked on for weeks. Tenderness there after a fall is not something to train through.

Numbness that wakes you is a nerve, not a muscle. Carpal tunnel symptoms are worst at night because the wrist curls in sleep; a splint holding it straight changes many people’s nights, and the glides in चरण 1 are slid gently, never stretched.

Thumb-base pain is one of the most common hand problems after forty. The fastest change is to stop pinching things open — use two hands and the whole palm — and the muscle beside the index finger is trained in every चरण 3 सत्र.

A wrist fracture from a low-energy fall is often the first sign of thinning bone. It is worth asking about bone health.

The pain rule: up to 4/10 during, back to your normal by the next morning, no worse week to week.

Kit: a table, a towel, an elastic band, a ball or putty, coins or beans, a hammer or bottle, a jar, and a loaded backpack or two water jugs.

चरण 1शांत करें और सरकाएँ

Aकलाई शांत करें। हाथ खोलें। कोई भार नहीं।छह अभ्यास जो कलाई और हाथ की आरामदायक रेंज लौटाते हैं और केवल बिना हिलाए तनाव से कंडराओं पर भार देते हैं — न वज़न, न ज़ोर की पकड़। Bझुकाएँ। कंडरों (टेंडन) को सरकाएँ। अंगूठा हिलाएँ।कलाई की बग़ल की रेंज, कंडरा सरकाने का क्रम और अंगूठे का पहला काम। Cनसों को सरकाएँ। इन्हें कभी न खींचें। अंतर महसूस करें।तीन नस सरकाने के अभ्यास और अग्रबाहु के तीन बिना हिलाए तनाव अभ्यास — नस की समस्या को कंडरा की समस्या से अलग करने वाला सत्र। Dफैलाएँ। आकृति बनाए रखें। हर सिरा छुएँ।हाथ के अंदर की छोटी मांसपेशियाँ — जो हर पकड़ को आकार देती हैं और जिन्हें कोई प्रशिक्षित नहीं करता। Eकिनारे से बाहर। बैंड के विरुद्ध। मेज़ पर आएँ।कलाई की पहली बिना भार पुनरावृत्तियाँ, उँगलियों का बैंड अभ्यास और हाथ पर पहला भार। Fछह सत्र पूरे। रेंज मापें। पकड़ जाँचें।चरण 1 जाँच: कलाई की रेंज, दर्द-रहित पकड़, चुटकी पकड़ और अंगूठे को उँगलियों से पूरा मिलाना।

चरण 2कलाई की ताक़त

Gचार दिशाएँ। अधिकांश कार्यक्रम दो का प्रशिक्षण देते हैं।चरण 2 भार के साथ कलाई से शुरू — ऊपर, नीचे और दोनों ओर झुकाव, नीचे लाने से असली काम। Hहथेली ऊपर। हथेली नीचे। भार के नीचे।हथेली नीचे और ऊपर घुमाने का जानबूझकर अभ्यास, साथ में रिस्ट रोलर — अग्रबाहु मज़बूत करने का सबसे पुराना साधन। Iअंत में रोकें। जहाँ यह सबसे कमज़ोर है। और सबसे उपयोगी।रेंज के सिरों पर बिना हिलाए तनाव, लंबा लीवर और पकड़ की पहली असली सहनशक्ति। Jअधिक भार। हर दिशा। अब भी दर्द-रहित।कलाई की चारों दिशाओं में भार जोड़ें, साथ में कसकर पकड़ और चुटकी होल्ड। Kइसे उठाएँ। हाथ से दबाएँ। उँगलियों के सिरे भी।भार वाली कैरी, चार दिशाओं में बिना हिलाए तनाव और उँगलियों के सिरों पर पहला भार। Lबारह पूरे। हर दिशा मापा गया।चरण 2 जाँच: कलाई चारों दिशाओं में परखी, अग्रबाहु घुमाई और पकड़ फिर परखी।

चरण 3अंगूठा और उँगलियाँ

Mचालीस प्रतिशत आपके हाथ का अंगूठा है।चरण 3 अंगूठे के आधार और तर्जनी के पास की मांसपेशी से शुरू — अंगूठे के गठिया की देखभाल का मुख्य आधार। Nचाबी जैसी चुटकी पकड़। सिरों से चुटकी पकड़। दो अलग काम।अलग-अलग चुटकी पकड़ का प्रशिक्षण, साथ में हैंडल के चारों ओर हाथ का आकार बनाने वाली छोटी मांसपेशियाँ। Oएक उँगली एक बार में। यही कौशल है।एक-एक उँगली का नियंत्रण, अटकते कंडरे (टेंडन) के लिए जोड़ स्थिर रखकर सरकाव और अंगूठे के पूरे गोले। Pरोल करें। घुमाएँ। जार खोलें।कुशलता का दिन: हाथ के भीतर की वे क्षमताएँ जो तय करती हैं कि हाथ केवल मज़बूत नहीं, उपयोगी भी है। Qअंगूठे को प्रतिरोध दें। अंगूठे और तर्जनी के बीच की जगह खोलें। और देर पकड़ें।हर दिशा में अंगूठे की ताक़त और वह सहनशक्ति जो तय करे कि दिन के अंत में हाथ कैसा लगे। Rअठारह पूरे। चुटकी से और ज़ोर पकड़ें। तेज़ हिलें।चरण 3 जाँच: चुटकी पकड़, अंगूठा मिलाना, हाथ की कुशलता और छोटी मांसपेशियाँ, सब मापे गए।

चरण 4पकड़ और भार

Sपकड़ की ताक़त। यह अनुमान देता है पकड़ से बढ़कर।चरण 4 पकड़ पर वास्तविक भार और हाथ पर पहले भार से शुरू होता है। Tभार लें। हथेलियों पर। फिर मुट्ठियों पर।हाथ से शरीर का भार सहने की क्षमता बढ़ाना — मेज़, घुटने, फिर ज़मीन। Uकलाई पर भारी भार। अग्रबाहु पर भारी भार। स्थिर हाथ।कार्यक्रम का कलाई और अग्रबाहु पर सबसे भारी भार, नियंत्रण के लिए उल्टा वज़न होल्ड के साथ। Vपकड़े रहें। ज़ोर से खींचें। हाथ से दबाएँ।वास्तविक भार में लगातार पकड़, उसे माँगने वाला खिंचाव और कलाई की दो स्थितियों में प्रेस। Wभारी भार से रोल करें। असमान भार लेकर चलें। चुटकी से पकड़ें और चलें।भार वाला रिस्ट रोलर, असमान कैरी और कमज़ोर अंगूठा दिखाने वाली चुटकी पकड़ कैरी। Xचौबीस पूरे। पकड़ बढ़ाएँ। हाथ पर भार।चरण 4 जाँच: अधिकतम पकड़, दबाकर होल्ड, कैरी और हाथ पर भार सहने की क्षमता।

चरण 5कामकाज और वापसी

Yज़मीन पर आएँ। हाथों पर आएँ। पूरा नीचे।चरण 5 पूरे भार से शुरू — सह सकने वाली कलाई पर रेंगना, प्लैंक और प्रेस। Zऔर तेज़। अब भी सटीक। फिर और तेज़।हाथ की गति और प्रतिक्रिया — पहले सटीकता, फिर तेज़ी। AAजार। औज़ार। हैंडल।असली कामों का अभ्यास — जिनसे पहले दर्द होता था — धीरे, फिर गति से। ABभार से विराम लें। बढ़ने से पहले। दिन भर।हाथ पर लगातार भार सँभालना — डेस्क, फ़ोन, सिर के ऊपर का काम — और गिरने का झटका सोखना सीखना। ACसबसे भारी। सबसे तेज़। अब भी दर्द नहीं।सबसे कठिन सत्र: अधिकतम कैरी, अधिकतम दबाव, कलाई का भारी काम और साथ में गति। ADतीस सत्र। दोनों हाथ। दस प्रतिशत के भीतर।समापन: पकड़, चुटकी, रेंज, कुशलता, कैरी और भार सहना — हर संख्या लिखें।